पांवटा साहिब में सड़कों पर सरपट दौड़ रहे ओवरलोड ट्राले

पांवटा साहिब:- ओवरलोड ट्रकों की रफ्तार सड़कों को खुलेआम जख्म दें रही हैं। इसके बाद भी एआरटीओ विभाग द्वारा ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते विभागीय राजस्व को चूना लग रहा है और कई लोग हादसों का शिकार भी हो रहे है। लेकिन विभागीय अफसरों के आंखें मूंद लेने के कारण जनता को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अधिकांश ट्रक ओवरलोड होकर पिकैट, पुलिस चौकी, थानों और एआरटीओ द्वारा तैनात किए गए स्कार्ट के सामने फर्राटा भरते हुए निकल जाते है। लेकिन उन्हें रोकने जहमत कोई नहीं दिखा पाता है। ओवरलोड ट्रकों के निकलने के कारण जिले की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होते जा रहे है।
जनता की बढ़ती समस्या
नगर की प्रमुख सड़कों पर दिन में चलने वाले ओवरलोड ट्रक नगर वासियों की समस्या का कारण बने हुए हैं। एक तरफ जहां मुख्य मार्ग पर दिन में इनके चलने से पूरे नगर में जाम के हालात बन जाते हैं तो दूसरी तरफ हादसों का जोखिम बना रहता है। पुलिस विभाग की लापरवाही के कारण ओवरलोड वाहनों का संचलन दिन भर चलता रहता है। पांवटा साहिब में बड़े वाहनों जिसमें ट्रक व ट्राले के संचलन के लिए रात का समय निर्धारित है मगर इसका पालन नहीं होता। यातायात व पुलिस कर्मियों की नजरों के सामने से वाहन बेरोक-टोक चलते हैं। दुर्घटना हो जाने की स्थिति में दोनो सफाई भी बेहतर देते हैं।
पार्षद व डॉक्टर रोहताश नागिया ने उठाया मुद्दा

पांवटा साहिब के जानेमाने डॉक्टर, समाजसेवी व वार्ड संख्या 8 के पार्षद रोहताश नागिया ने अपनी फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा की “किसी की जान की कीमत कोई सजा नहीं अदा कर सकती वक्त रहते संभल जाओ, सुधर जाओ”। अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से रोहताश नागिया ने ट्रकों व ओवरलोड ट्रालों रफ्तार व क्षेत्र में चलने के समय पर सवाल किया है।

क्या कहते है क्षेत्र वासी
पांवटा साहिब के निवासी अजीत सिंह ने फेसबुक पर लिखा कि जब तक पांवटा साहिब में कोई बड़ा हादसा नहीं होगा तब तक ये ऐसे ही चलेंगे कुछ साल पहले छछरौली के नजदीक इनकी वजह से बहुत बड़ा हादसा हुआ था। कई बच्चों की जान गई थी। तब से वहां इन पर लगाम लगी सीएम हुड्डा को खुद 2 घंटे में मौके पर आना पड़ा था। उसके बाद वहां जो खिज्राबाद से अंदर जा कर क्रेशर थे उन पर लगाम लगी थी। अब वही काम पांवटा साहिब में हो रहा हर रोज रात 9 बजे से हजारों डंपर्स बड़े ट्राले आते है। उत्तराखंड और हरियाणा साइड से आम जनता इन से परेशान है लेकिन पैसा नीचे से ऊपर तक जाता है क्रेशर मालिकों की तरफ से तब सभी आंखे बंद कर बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है। कुछ न्यूज लगती हैं उनको ये डरा दिया जाता है। गैंगस्टर्स द्वारा, कुछ ओर भी है जो 5/7 हजार ले के चुप बैठ जाते है। वो भी पंगा क्यों ले जब जनता ही नहीं सहन कर रही है।
वहीं पांवटा साहिब निवासी अमित कुमार ने पुलिस की मिली भगत की बात अपने फेसबुक से लिखी। निवासी राजेश तोमर लिखते है कि पुलिस सिर्फ दोपहिया वाहनों के चालान करने में व्यस्त रहती है।



गोविंदघाट नाका रात के समय में होता है जाम
पड़ोसी राज्यों से आने वाले ट्रैकों व ट्रालो की लंबी कतारों के कारण रोजाना लंबे जाम दोनों तरफ लगते है जिसके कारण राहगीर गंभीर समस्या का सामना रोजाना करते है। कई मर्तबा इमर्जेंसी गाड़ियां भी इस जाम में घंटों फंसी रहती है। इसका कोई निजात नहीं कर पा रहा है। कुल मिला कर जनता बुरी तरह प्रभावित है।
