पटवारी भर्ती परीक्षा शुल्क को लेकर उठा विवाद, पूर्व भाजपा नेता ने सरकार के फैसले पर जताई आपत्ति
हिमाचल प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए तय की गई आवेदन शुल्क को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में जिला सिरमौर के पूर्व भाजयुमो जिला शोशल मीडिया/आईटी संयोजक एवं अधिवक्ता श्री विवेक सिंह ने हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व भाजपा नेता व अधिवक्ता विवेक सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए सभी वर्गों हेतु समान आवेदन शुल्क निर्धारित करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि यह फैसला आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं अन्य वंचित वर्गों के अभ्यर्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है, जिससे उनके प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के अवसर सीमित हो जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का उद्देश्य केवल पदों तक सीमित नहीं होता, बल्कि चयन प्रक्रिया में सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना भी होता है। समान परिस्थितियों के बिना समान शुल्क लागू करना व्यावहारिक असमानता को बढ़ावा देता है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।विवेक सिंह ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार से मांग की कि इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से बदला जाए और SC, ST, OBC, EWS सहित अन्य वंचित वर्गों को आवेदन शुल्क में उचित राहत प्रदान की जाए, ताकि कोई भी योग्य अभ्यर्थी केवल आर्थिक कारणों से परीक्षा से वंचित न रहे।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेताओं से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर सकारात्मक भूमिका निभाएं और अभ्यर्थियों के हित में सरकार पर दबाव बनाएं, ताकि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और समावेशी बन सके।
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