पांवटा साहिब में अपराध, नशा, हादसे और अवैध खनन की त्रासदी: जनता परेशान, सरकार और प्रशासन से मांगी कड़ी कार्रवाई

पांवटा साहिब, 19 अगस्त: एक समय शांत और धार्मिक पहचान रखने वाला पांवटा साहिब शहर इन दिनों अपराध, नशाखोरी, हादसों और ट्रैफिक अव्यवस्था की भयानक गिरफ्त में है। आम जनता का जीना दुश्वार हो गया है। बढ़ती गुंडागर्दी, नशे का खुला कारोबार, सरेआम झगड़े और हथियारों की नुमाइश, दिनदहाड़े हो रहे हमले, और अवैध खनन से लदे ओवरलोड ट्रकों के कारण लगातार हो रहे एक्सीडेंट और ट्रैफिक जाम ने पूरे क्षेत्र को अराजकता की ओर धकेल दिया है।
बस स्टैंड के पास युवक पर जानलेवा हमला
कुछ दिन पहले पांवटा साहिब बस स्टैंड के नजदीक एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर हथियारों से लैस थे और उन्होंने बीच बाजार युवक को बेरहमी से पीटा। इससे पहले भी दो गुटों के बीच खुलेआम मारपीट और हथियार लहराने की घटनाएं शहर को झकझोर चुकी हैं। अब अपराधी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया।
नशे का फैलता जाल, युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर
शहर में नशे का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। स्कूल और कॉलेज के छात्रों तक नशे की सप्लाई पहुंच रही है। नशे की ओवरडोज़ के चलते कई युवाओं को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कुछ विशेष स्थानों पर खुलेआम नशा बेचा जा रहा है, लेकिन पुलिस की पकड़ अब तक वहां नहीं पहुंची है।
अवैध खनन के ट्रकों से खतरा: ट्रैफिक जाम और एक्सीडेंट में बढ़ोतरी
यमुना नदी और अन्य क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन से ओवरलोडेड डंपर और ट्रक शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन भारी वाहनों के कारण सड़कों की हालत बदतर हो गई है,नियमित ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है,और एक्सीडेंट में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।कुछ दिनों पहले एक गाड़ी को ओवरलोड ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसे एक महिला चला रही थी जो गंभीर रूप से घायल हुई। बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के लिए सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
प्रशासन और प्रदेश सरकार से जनता की सीधी अपील
अब जनता का गुस्सा सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से भी सीधी अपील की जा रही है कि:शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाए।बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और रिहायशी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।नशा कारोबार पर सख्त रोक लगाई जाए और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो।अवैध खनन पर तत्काल रोक, और ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए नगर नियोजन और यातायात विभाग मिलकर योजना बनाएं।
जनता की मांग – अब बयान नहीं, एक्शन चाहिए स्थानीय निवासी नीना शर्मा, रमेश वर्मा, इमरान खान, सविता ठाकुर, विक्रम चौहान, और प्रिया ठाकुर जैसे कई जागरूक नागरिकों का कहना है कि वे अब सिर्फ प्रशासनिक बयानबाजी नहीं, जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई देखना चाहते हैं।
“अगर अभी भी सरकार और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो पांवटा साहिब जल्द ही अपराध का गढ़ बन सकता है,” – स्थानीय दुकानदार।
क्या प्रशासन नींद से जागेगा?
जनता अब सवाल पूछ रही है – क्या सरकार और जिला प्रशासन तब जागेगा जब हालात पूरी तरह बेकाबू हो जाएंगे? क्या पांवटा साहिब की पहचान अब गुंडागर्दी, नशा और ट्रैफिक जाम से होगी?अब समय है, जब सरकार को ज़मीनी हकीकत को समझते हुए कड़ी और तेज़ कार्रवाई करनी होगी।
वहीं कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि पांवटा साहिब के हालातों पर गौर नहीं किया गया और प्रशाशन की मुस्तैदी नजर नहीं आई तो वे अपना मांगपत्र लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास जाएंगे और कड़ी कार्यवाही की मांग करेंगे।
