आईजीएमसी मारपीट मामले में सरकार की सख्त कार्रवाई आरोपी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सेवाएं समाप्त, पीड़ित को मिला इंसाफ

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने पूरे मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव निरुला की सीनियर रेजिडेंट सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

यह मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर में स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की सुरक्षा और डॉक्टरों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। पीड़ित अनुज पंवार के साथ हुई इस घटना को लेकर न्याय की मांग उठाई गई थी, जिसके बाद सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाई। जांच में दोष सिद्ध होने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई, जिसे पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम में सरकार तक मामला पहुँचाने और त्वरित कार्रवाई की मांग उठाने वालों में विवेक सिंह अधिवक्ता, पूर्व भाजयुमो नेता जिला सिरमौर भी शामिल रहे। उन्होंने मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया था।

सरकार की इस कार्रवाई का व्यापक स्वागत किया जा रहा है। इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अनुशासन, मर्यादा और मरीजों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बहाल करने के लिए इस तरह के कड़े निर्णय आवश्यक माने जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग तथा उन सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं का धन्यवाद व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से उठाया और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की।

सरकार की इस पहल से भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी और आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।

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