अप्रैल में शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण भी

उत्तराखंड में अप्रैल में शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण भी किए जाएंगे ताकि इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाने वाले तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े। अधिकारियों ने यहां बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर यहां यात्रा ट्रांजिट कैंप परिसर में गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पाण्डे की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में यात्रा प्रशासन ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार यात्री पंजीकरण की व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है। इस पंजीकरणका मुख्य मकसद श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद व्  सरल बनाना है।

बैठक में तय किया गया कि श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ 40 फीसदी ऑफलाइन पंजीकरण भी किए जाएंगे ताकि देहात से आने वाले श्रद्धालुओं को इसके झंझट से मुक्ति मिल सके। पिछली बार केवल ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। 

चारों धाम की यात्रा करने वालों को यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के क्रम में ‘स्लॉट’ दिए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर सभी कार्य 15 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में मौजूद पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल मंडल, राजीव स्वरुप से परामर्श के बाद पाण्डे ने इस बार यात्रा मार्ग पर हर दस किलोमीटर पर चीता पुलिस या ‘हिल पेट्रोलिंग यूनिट’ का दस्ते की तैनाती का भी निर्णय लिया। यह दस्ता मार्ग पर लगने वाले जाम एवं दुर्घटनाओं की स्थिति में तेजी से सक्रिय होगा बैठक में यात्रा मार्ग पर आने वाले जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे। इस साल तीस अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू होगी। बदरीनाथ मंदिर के कपाट चार मई को खुलेंगे जबकि केदारनाथ धाम के खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर तय की जाएगी । 

उत्तराखंड सरकार इस बार चारधाम यात्रा को सुखद व् सरल बनाने के लिए हर मुमकिन प्रयास जनता के हित में कर रही है। जनता भी सरकार की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आ रही है।

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